राजस्थान सरकार ने कोचिंग सेंटरों की मनमानी फीस वसूली और छात्रों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों के मद्देनजर “राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट कंट्रोल एंड रेगुलेशन बिल 2025” पेश किया है। यह बिल विधानसभा में प्रस्तुत किया गया है और इसे मौजूदा सत्र में पारित करने की योजना है।
बिल के मुख्य प्रावधान
- फीस वापसी: अगर कोई छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ता है, तो कोचिंग सेंटरों को उसकी फीस लौटानी होगी।
- नियमों का उल्लंघन: कोचिंग सेंटरों के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। उल्लंघन पर जुर्माना लगाया जाएगा और मान्यता रद्द की जा सकती है।
- जिला और राज्य स्तर पर निगरानी: बिल में जिला और राज्य स्तर पर कमेटियों का गठन करने का प्रावधान है, जो कोचिंग सेंटरों की मॉनीटरिंग करेंगी।
- हेल्पलाइन केंद्र: छात्रों के लिए तनाव मुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय हेल्पलाइन केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।
छात्र आत्महत्याओं का संदर्भ
राजस्थान में इस साल अब तक 10 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिसमें कोटा जैसे शहरों में मामले बढ़ रहे हैं। पिछले साल 20 छात्रों ने आत्महत्या की थी, जो कि 2023 में 26 थी।
विपक्ष की मांगें
विपक्ष ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर कोचिंग पर रोक लगाने का प्रावधान भी शामिल करने की मांग की है, ताकि बच्चों को तनाव से मुक्त रखा जा सके।
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FAQ
- बिल का उद्देश्य क्या है?
यह बिल कोचिंग सेंटरों की मनमानी फीस वसूली को रोकने और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है। - क्या सभी कोचिंग सेंटरों को रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा?
हाँ, 50 या उससे अधिक विद्यार्थियों वाले सभी कोचिंग सेंटरों को रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। - बिल में छात्र आत्महत्याओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए गए हैं?
बिल में छात्रों के लिए हेल्पलाइन केंद्र, फीस वापसी का प्रावधान और नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने जैसे उपाय शामिल हैं।